रिपोर्ट - अरविन्द कुमार पटेल।
ललितपुर। कड़ाके की ठंड और ऊबड़-खाबड़ रास्तों की परवाह किए बिना, अटूट आस्था का एक अनुपम उदाहरण ललितपुर के सैदपुर में देखने को मिला। यहाँ से निकली भव्य पदयात्रा मां नर्मदा के जयकारों के साथ पावन बरमान घाट पहुंची, जहाँ श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का पूजन कर चुनरी अर्पित की।
8 जनवरी को शुरू हुआ था भक्ति का सफर
उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा बीती 8 जनवरी को ललितपुर के ग्राम सैदपुर से प्रारंभ हुई थी। हाथों में धर्मध्वजा लिए और मुख में 'हर-हर नर्मदे' का उद्घोष करते हुए श्रद्धालुओं का जत्था कई दिनों का सफर तय कर बरमान घाट पहुंचा। यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
बरमान घाट पर मां नर्मदा के शीतल जल में स्नान करने के पश्चात, सभी क्षेत्रवासियों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इसके बाद मैया को विशाल चुनरी चढ़ाई गई। पदयात्रियों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समस्त ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों की खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करना है।
"मां नर्मदा की कृपा से यह कठिन यात्रा सुगम हुई। हम सभी ने क्षेत्र की खुशहाली के लिए मैया से प्रार्थना की है।"
— पदयात्री दल
भक्तिमय हुआ वातावरण
स्नान और चुनरी अर्पण के समय पूरा घाट 'नर्मदे हर' के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने बताया कि मां नर्मदा की भक्ति में जो शक्ति है, उसी के कारण वे ललितपुर से यहाँ तक का पैदल सफर तय कर पाए। यात्रा के संपन्न होने पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और संतोष देखा गया।

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