अलीगंज (एटा)। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित महिला ने अधिकारियों के सामने ही अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
मामला अलीगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम मोहन नगला का है यहां की निवासी ज्ञान देवी पत्नी जगदीश लंबे समय से अपनी जमीन पर कब्जे को लेकर परेशान चल रही थीं। बताया गया कि गाटा संख्या 687/0.243 हेक्टेयर में से एक-तिहाई हिस्से का बैनामा ज्ञान देवी के नाम है और उस पर पहले उनका कब्जा भी था दबंगों पर गंभीर आरोप
पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही प्रधान सीताराम यादव, उनके भाई रामफल व रतिराम पुत्र वेदराम समेत अन्य लोगों ने जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि दबंगों ने खेत में तंबाकू की लकड़ी और पत्ते रखकर जमीन का उपयोग करना शुरू कर दिया और महिला को वहां खेती नहीं करने दी। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं मिला न्याय
ज्ञान देवी ने कई बार थाने और तहसील समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई न होने से वह निराश हो गईं। दबंगों के डर से उन्होंने अपने बच्चों को दिल्ली भेज दिया और खुद भी गांव छोड़कर अलीगंज में रहने लगीं।तहसील दिवस में उठाया खौफनाक कदम शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जब महिला की सुनवाई नहीं हुई तो वह भावुक हो उठीं और अधिकारियों के सामने ही केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगाने का प्रयास कर बैठीं इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें बचा लिया।
डीएम एटा प्रेमरंजन ने लिया तत्काल संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और संबंधित राजस्व व पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर क्यों बार-बार शिकायत के बावजूद पीड़िता को समय पर न्याय नहीं मिल सका।
निष्कर्ष
अगर समय रहते पीड़िता की शिकायत पर उचित कार्रवाई होती, तो शायद वह इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर नहीं होती। फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया है, अब देखना होगा कि पीड़िता को वास्तविक न्याय कब तक मिल पाता है।

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